छत्तीसगढ़ विधानसभा में 4808 करोड़ से अधिक की अनुदान मांगें पारित, राजस्व और उच्च शिक्षा क्षेत्र में बड़े फैसले


रायपुर, 13 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ विधानसभा में शुक्रवार को राजस्व और उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ी कुल 4808 करोड़ 73 लाख 96 हजार रुपये की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। इनमें राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के लिए 3502 करोड़ रुपये तथा उच्च शिक्षा विभाग के लिए 1306 करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान शामिल है। सरकार ने इस बजट के जरिए राजस्व सेवाओं में डिजिटल पारदर्शिता, आपदा प्रबंधन को मजबूत करने और उच्च शिक्षा के विस्तार पर विशेष जोर दिया है।

राजस्व सेवाओं को मिलेगा डिजिटल बल

राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने विधानसभा में अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, सरल और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। डिजिटल ऋण पुस्तिका, भू-अभिलेखों का डिजिटलीकरण, ऑटो डायवर्सन और लोक सेवा गारंटी जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों को तेज और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं।

दो नए उप तहसील की घोषणा

राज्य सरकार ने प्रशासनिक सुविधा बढ़ाने के लिए मुंगेली जिले के विजयपुर और सरगुजा जिले के देवगढ़ को नया उप तहसील बनाने की घोषणा की है। इससे स्थानीय नागरिकों को राजस्व संबंधी कार्यों में राहत मिलेगी।

जिलों और राजस्व ढांचे का हुआ विस्तार

राज्य गठन के समय छत्तीसगढ़ में केवल 16 जिले थे, जो अब बढ़कर 33 जिले हो गए हैं। इसी तरह तहसील, राजस्व अनुविभाग, राजस्व निरीक्षक मंडल और पटवारी हल्कों की संख्या भी बढ़ाई गई है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है।

ऑटो डायवर्सन और डिजिटल किसान किताब

सरकार ने भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को ऑनलाइन करते हुए ऑटो डायवर्सन प्रणाली लागू की है। इसके तहत आवेदन के 15 दिनों के भीतर भूमि उपयोग परिवर्तन स्वतः हो जाता है। इसके अलावा डिजिटल किसान किताब के जरिए किसानों को भूमि स्वामित्व और ऋण संबंधी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही है।

भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता

दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत भूमिहीन मजदूरों और पारंपरिक ग्रामीण व्यवसाय से जुड़े परिवारों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। वर्ष 2026-27 में इसके लिए 605 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

आधुनिक तकनीक से कृषि निगरानी

सरकार ने UPHAR योजना के तहत सैटेलाइट इमेजरी, रिमोट सेंसिंग और ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसल क्षेत्र, उत्पादन और आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को मिलेगा अधिकार

स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी को भूमि अधिकार देने की प्रक्रिया जारी है। राज्य में 10.50 लाख हितग्राहियों को अधिकार पत्र देने का लक्ष्य रखा गया है, जिनमें से अब तक 1.60 लाख लोगों को अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

पंजीयन के साथ स्वतः नामांतरण

सरकार ने जमीन की खरीदी-बिक्री के बाद ऑटो म्यूटेशन प्रणाली लागू की है। पंजीयन होते ही जमीन का नामांतरण स्वतः खरीदार के नाम पर हो जाता है।

आपदा प्रबंधन के लिए मजबूत प्रावधान

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में SDRF के लिए 588 करोड़ रुपये, NDRF के लिए 50 करोड़ रुपये और SDMF के लिए 147 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।


उच्च शिक्षा के लिए 1306 करोड़ से अधिक का बजट

विधानसभा में उच्च शिक्षा विभाग के लिए 1306 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें भी पारित की गईं। मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के सामाजिक, आर्थिक और बौद्धिक विकास की आधारशिला है और सरकार का लक्ष्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान करना है।

25 महाविद्यालयों के नए भवन बनेंगे

वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश के 25 महाविद्यालयों के लिए नए भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा 6 महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए भी बजट रखा गया है।

नए कॉलेज और नए विषय

दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा का विस्तार करने के लिए खड़गवा में बीएड (आईटीईपी) और सुहेला में नए महाविद्यालय की स्थापना का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही कुछ महाविद्यालयों को स्नातकोत्तर स्तर तक उन्नत किया जाएगा।

36 महाविद्यालय बनेंगे उत्कृष्टता केंद्र

राज्य के 36 शासकीय महाविद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत प्रति महाविद्यालय 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

NAAC मूल्यांकन और नई शिक्षा नीति

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए राज्य में 200 शासकीय महाविद्यालयों और 5 विश्वविद्यालयों का NAAC मूल्यांकन कराया जा चुका है। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बहुविषयक शिक्षा, मल्टी एंट्री-मल्टी एग्जिट और कौशल आधारित पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

PM-USHA योजना से मिलेगा सहयोग

प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के तहत 12 शासकीय महाविद्यालयों को प्रति महाविद्यालय 5 करोड़ रुपये और 3 विश्वविद्यालयों को प्रति विश्वविद्यालय 20 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है।

सरकार का लक्ष्य
राज्य सरकार का उद्देश्य डिजिटल राजस्व प्रशासन, मजबूत आपदा प्रबंधन व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के माध्यम से नागरिकों को बेहतर सेवाएं देना और प्रदेश के समग्र विकास को गति देना है।

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